
लाल (काली) चाय Daisi, जिसका जॉर्जियाई में अर्थ "सूर्यास्त" है, अपना नाम पहाड़ों के उस अद्भुत दृश्य से लेती है जो सूरज ढलने पर लाल रंग में रंग जाते हैं। इसे केवल पूर्णिमा के दौरान हाथ से तोड़ा जाता है, जब धरती बहुत नम और पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिससे पौधों की वृद्धि को बढ़ावा मिलता है। इसमें कोको और शहद के नोट्स हैं, साथ में एक मसालेदार स्पर्श भी। इसका शरीर गोल और मुँह में भरने वाला है, बहुत कम अम्लता के साथ, और स्वाद मनभावन तथा आसानी से पीने योग्य है। स्वाद परीक्षण - दृष्टि और गंध: Daisi लाल चाय की पत्तियाँ मध्यम आकार की, पूरी और सुंदरता से लिपटी हुई हैं, जिनका रंग भूरा से ताम्रवर्णी तक जाता है। सुगंध में, भीगी पत्तियाँ भुनी हुई कोको बीन्स, माल्ट, कारमेल और ओवन में पके फलों की महक छोड़ती हैं, साथ में चेरी का संकेत और ब्राउन शुगर का अंतिम स्वाद होता है। उत्पत्ति का स्थान: जॉर्जिया। तैयारी: हम इस चाय को पारंपरिक चीनी विधि (गोंग फू चा) में लगभग 150 मिली क्षमता वाले गाइवान या छोटे चायदानी के साथ भिगोने की सलाह देते हैं। सीधे धूप से दूर ठंडी और सूखी जगह पर रखने की सलाह दी जाती है।
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लाल (काली) चाय Daisi, जिसका जॉर्जियाई में अर्थ "सूर्यास्त" है, अपना नाम पहाड़ों के उस अद्भुत दृश्य से लेती है जो सूरज ढलने पर लाल रंग में रंग जाते हैं। इसे केवल पूर्णिमा के दौरान हाथ से तोड़ा जाता है, जब धरती बहुत नम और पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिससे पौधों की वृद्धि को बढ़ावा मिलता है। इसमें कोको और शहद के नोट्स हैं, साथ में एक मसालेदार स्पर्श भी। इसका शरीर गोल और मुँह में भरने वाला है, बहुत कम अम्लता के साथ, और स्वाद मनभावन तथा आसानी से पीने योग्य है। स्वाद परीक्षण - दृष्टि और गंध: Daisi लाल चाय की पत्तियाँ मध्यम आकार की, पूरी और सुंदरता से लिपटी हुई हैं, जिनका रंग भूरा से ताम्रवर्णी तक जाता है। सुगंध में, भीगी पत्तियाँ भुनी हुई कोको बीन्स, माल्ट, कारमेल और ओवन में पके फलों की महक छोड़ती हैं, साथ में चेरी का संकेत और ब्राउन शुगर का अंतिम स्वाद होता है। उत्पत्ति का स्थान: जॉर्जिया। तैयारी: हम इस चाय को पारंपरिक चीनी विधि (गोंग फू चा) में लगभग 150 मिली क्षमता वाले गाइवान या छोटे चायदानी के साथ भिगोने की सलाह देते हैं। सीधे धूप से दूर ठंडी और सूखी जगह पर रखने की सलाह दी जाती है।